Home Folk चंग म्हारो गेरो बाजे | Gajendra Ajmera | Lyrics

चंग म्हारो गेरो बाजे | Gajendra Ajmera | Lyrics

2018 का नया राजस्थानी फागुन गीत चंग म्हारो गेरो बाजे में आवाज गजेंद्र अजमेरा, खेमराम दयाल और सुनील ने दी हैं। गीत का म्यूजिक बाबा स्टूडियो ने कम्पोज किया हैं। इस गीत के निर्देशक व निर्माता गजेंद्र अजमेरा हैं।

फागुन के महीने में चंग बजाते हुए लोग नृत्य करते हुए मगन मस्त हो रहे हैं। पीतल का मटका पानी से भरा हुआ हैं और इण्डाणी पर मोर बना हुआ हैं। फागुन की लूर गाते हुए घेरिये नाच रहे हैं। रंग गुलाल से खेलते हुए घेरिया चंग बजा रहे हैं।

Chang Mharo Gero Baje Song Lyrics

हिण्डो घाल्यो हिंडोलों रे चढ़ग्यो घर की पाल
पाले पाले डूंगरा पे चंपा केरी रात
एक चमके मारवाड़ रे दूजी चमके मेवाड़
घर में जन्म्यो गिगलो रे बाजनीया किवाड़
फागण देसी म्हारो अजमेरो हैं नाम
खेमजी सुनील जी मुकेश जी आवे काम
म्हारो अजमेरो हैं नाम

चंग म्हारो गेरो बाजे खाल बाजे गेटा री
अरे ढुंढतो घानोनी मोह भी गेटागी
के तेल बढजो रे अरे अरे तेल बढजो रे
थारा ऐ कारा री पीस होजे रे

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हिण्डो घाल्यो हिंडोलों रे चढ़ग्यो घर की पाल
पाले पाले डूंगरा पे चंपा केरी रात
एक चमके मारवाड़ रे दूजी चमके मेवाड़
घर में जन्म्यो गिगलो रे बाजनीया किवाड़
फागण देसी म्हारो अजमेरो हैं नाम
खेमजी सुनील जी मुकेश जी आवे काम
म्हारो अजमेरो हैं नाम

ऐ थारा जेड़ा म्हारे हैवे तो पड़ेले हिंदे घालु ये
ऐ हाथा की कलाई सु मैं डोरी खीचू रे के कणिया रेशम की
अरे अरे कणिया रेशम की के कणिया रेशम की
के तेल बढजो रे

ऐ पीतल वालो बेवड़ो नाली के मुंडे भरियो रे
अरे सोना री इण्डाणी माही मोर मंडियों रे के रमता घेरिया
अरे अरे रमता घेरिया के रमता घेरिया
म्हारे हे कारा इक्कीस होजे रे के तेल बढजो रे

हिण्डो घाल्यो हिंडोलों रे चढ़ग्यो घर की पाल
पाले पाले डूंगरा पे चंपा केरी रात
एक चमके मारवाड़ रे दूजी चमके मेवाड़
घर में जन्म्यो गिगलो रे बाजनीया किवाड़
फागण देसी म्हारो अजमेरो हैं नाम
खेमजी सुनील जी मुकेश जी आवे काम
म्हारो अजमेरो हैं नाम

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