Home Folk चार टक्का री नौकरी | Heena Sain | Lyrics

चार टक्का री नौकरी | Heena Sain | Lyrics

नीलेश वैष्णव और नूतन गहलोत ने चार टक्का री नौकरी गीत में अहम् भूमिका निभाई हैं। इस गाने में आवाज हीना सैन ने दी हैं। राजस्थानी एल्बम गीत के निर्माता तरुण हसनी और निर्देशक नीलेश वैष्णव है। मारवाड़ी सांग श्री कृष्णा कैसेट्स की नयी प्रस्तुति हैं।

बन्ना अपनी घरनार को घर में छोड़कर नौकरी करने परदेश जा रहा हैं और बन्नी पिया को रोकने की कोशिश कर रही हैं। पिया के बिना गौरी तड़पती रहेगी जैसे बीन पानी के मच्छली तड़पती हैं और पिया के बिना गौरी मार जाएगी। पिया से बार बार अर्ज करने पर वो अपनी गौरी से दूर जा रहा हैं और कोयल को बोली से बन्नी को अपने पिया की याद आ रही हैं।

Char Takka Ri Naukari Song Lyrics

ओ परन्या चार टक्का री नौकरी कोई लाख टक्का री भारनार
थारे बिन मर जासू मैं एकली जिया मच्छली बीन जलधार
थे तो रे परदेसा मत जाई जो जी

ओ बालमा परदेसा री नारिया जी थाने देसी नीजर लागे
थे तो रे चंदा हो मैं चाँदनी सू अर्ज़ म्हारा भरतार
थे तो रे परदेसा मत जाई जो जी

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ओ बालमा चढ़तो जोबन चार दिना थे सुनलो म्हारी बात
कहेवे हे चार दिना की चाँदनी जी पाछे हुवे अंधारी रात
था बिन बिलखू मैं तो एकली जी ओ बलमा बागा में
आंबा पकया जी आमबली जी कोई पकया दादम दाख
थे तो रे परदेश रे मायने जी पिया करजो साल्संभाल
थे तो रे परदेसा मत जाई जो जी

ओ रसिया कोयलडी रा बोल सू कोई आवे थारी याद
पिहु-पिहु बोले पियौ जी मोरियो थे भी सुनलो मनन्दरी बात
थारी काली पड़े कचनारडी जी

ओ रसिया बोरडी पाकया बोर जी नज़ारा भर-भर देखे लोग
थारी तो गौरी तो उबी आँगन में थे मत देवो विराह रोग
थे तो रे परदेसा मत जाई जो जी

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