Home Folk फागण फरवरियो | Ganga Devi Vaishnav, Twinkal Vaishnav | Lyrics

फागण फरवरियो | Ganga Devi Vaishnav, Twinkal Vaishnav | Lyrics

2018 का नया फागण गीत फागण फरवरियो जिसमे आवाज गंगा देवी वैष्णवट्विंकल वैष्णव ने दी हैं। गीत का म्यूजिक काली पी.आर.जी और सुगन बुचेती ने कम्पोज किया हैं। गीत के बोल पारम्परिक हैं। इस गीत के निर्देशक सज्जन सिंह गहलोत व निर्माता मुकेश सुराणा हैं।

फागुन महीना आने पर चारो तरफ ख़ुशी का माहौल बना हुआ हैं। गौरी फागण में फागणिया और चैत्र महीने में अमरसिया ओढ़ रही हैं। गर्मी के आने पर सजनी लहरिया ओढ़े घूँघट से अपने पिया को देख रही हैं। हरे हरे खेतो में से गौरी फूल तोड़ रही हैं।

Fagan Farwariyo Song Lyrics

फागण को फरवरियो छैला चेत नेडो आयो रे
अरे होलकी काली ने यो तो आयो उन्दाल्या में
के दुकला मारलो हा रे दुकला मारेलो
घुघटिये में

फागण में फागणियो ओढू चेत अमरसियो रे
अरे बेसा को रे खेजडिया ने धड़िया ओढू रे
के बिचली चातरी हा बिचली चातरी
के फागणियो तू तो साथै ल्याइजे रे

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अरे जेठ जी जुआ रो जालो ओढो ये माथे
अरे परणियो फूलड़ा रो भारो धरती पोडे रे
के राम रूखालो यो नेवा में गोगा जी बोले रे

अरे मोटोडा बहरे रा मूला छोटो में चाबा में
अरे चौकोड़ो री छोरिया फूलड़ा रा भरे रे
बेगी परण्या जो

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