Home Folk फागण में ढक्कन खोल | Prabhu Mandriya, Mamta Rangili | Lyrics

फागण में ढक्कन खोल | Prabhu Mandriya, Mamta Rangili | Lyrics

गौरी नागौरी और अमित कुमार ने फागण में ढक्कन खोल गीत में अहम भूमिका निभाई हैं। इस गाने में आवाज प्रभु मन्दारियाममता रंगीली ने दी हैं। राजस्थानी एल्बम गीत के निर्माता कल्लू गुर्जर और निर्देशक राजेश गोयल है। मारवाड़ी सांग गोपाल म्यूजिक एंड फ़िल्सम की नयी प्रस्तुति हैं।

फागुन महीना आने पर एक परदेशी अपने घर लौट आया हैं और थैले भरकर बहुत सी वस्तुए अपने साथ ल्याया हैं। परदेशी अपने साथियो के साथ मिलकर अपनी प्यारी भाभी के रंग गुलाल लगा रहा हैं। और भाभी अपने लाडले देवर से दूर भाग रही हैं। चंग की आवाज पर देवर भाभी दोनों एक साथ नाच रहे हैं और घेरिया नाचते हुए मधुर गीत गा रहे हैं।

Fagan Mein Dhakkan Khol Song Lyrics

अरे फागण का महीना में ढक्कन खोल्यो ये
यो ढक्कन देशी को भाई घेरिया रे
अरे चढ़ती जवानी मुने नहीं भाई रे
अरे करती कांकड में ताई ताई रे

फागणियो फरवरियो आयो परदेशा सु देवर आयो
थैली भरकर बोलत ल्यायो सगळा मिलकर पेग बनायो

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अरे देशी खाटयो ना बोले भोजाई ये
ना इंग्लिश में जान मान भोजाई ये
अरे चढ़ती जवानी मु नहीं भाई रे
अरे करती कांकड में ताई ताई रे

देशी हैं काट्यो के ल्यावे इण देवर ने कुण समझावे
पिता ही मुखडो गेधावे सब घेरिया कोई पास नहीं आवे

यो फागण में उड़े छै रंगड़ो भाई रे
होग्या भाभी का गाल इतरा लाल रे
या चढ़ती जवानी मु नहीं भाई रे
अरे करती कांकड में ताई ताई रे

फागणिया में चंगड़ो बाजे नाचण ने म्हारो मनड़ो लागे
इकर रा डीजे पर नाचू डीजे माले फोटू खाचु

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