Home Folk फागण में म्हाने क्यूँ तरसावे | Sohan Singh, Lali Gurjari | Lyrics

फागण में म्हाने क्यूँ तरसावे | Sohan Singh, Lali Gurjari | Lyrics

नया राजस्थानी फागण गीत फागण में म्हाने क्यूँ तरसावे अल्फ़ा म्यूजिक एंड फिल्म्स की ओर से प्रस्तुत हुए हैं। सोहन सिंह और राजन शर्मा ने गीत में आवाज दी व गीत के बोल पारम्परिक हैं। इस गीत के निर्माता गोपाल सैनी हैं और गाने का निर्देशन बाबूलाल सैनी ने किया हैं।

गौरी अपने बालम के संग होली खेल रही हैं और होली खेलते खेलते उसके रंग में रंग गई हैं। धीरे धीरे पीछे से आके बालम अपनी गौरी के गोरे गोरे गालो पर रंग लगा रहा हैं। ढोले, चंग बजाते हुए दोनों लुल लुल के नाच रहे हैं। और बालम अपनी गौरी की सारी इच्छा पूरी कर रहा हैं।

Fagan Mein Mhane Kyun Tarsave Song Lyrics

फागण में म्हाने क्यूँ तरसावे
भरल्या रंग की पिचकारी रे
ढोल भरल्या रंग की पिचकारी रे

गौरी नखराली रंग लगादु
मन की करदु मैं थारी ये
गौरी मन की करदु मैं थारी ये

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धीरे बोलो होळ्या होळ्या बोलो
सुण लेली सखिया सारी रे
ढोला सुण लेली सखिया सारी रे

मत शरमावे बेगी बेगी आजा
फाग रचास्या ये प्यारी
आपा फाग रचास्या ये प्यारी

रंग लगाल्या मौज उड़ाल्या
होली की करले तैयारी
ढोला होली की करले तैयारी

ढोल मंजीरा चंग बजावा
लुळ लुळ नाचाला ऐ गौरी ये
आपा लुळ लुळ नाचाला ऐ गौरी ये

राजन गावे सोहन सिंह गावे
फागण की मस्ती छा री रे ढोला
म्हारे फागण की मस्ती छारी रे ढोला

बीरबल सिंह रंग उड़ावे
बाजे अल्फ़ा की कैसेट्स प्यारी
ये अल्फ़ा की कैसेट्स प्यारी

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