Home Folk गाड़ा धान सु भरेला | Khemaram Dhayal, Prakash Ji | Lyrics

गाड़ा धान सु भरेला | Khemaram Dhayal, Prakash Ji | Lyrics

लेटेस्ट डीजे मिक्स राजस्थानी सॉन्ग गाड़ा धान सु भरेला में आवाज खेमाराम धायल और प्रकाश जी ने दी हैं व गाने का म्यूजिक एस.के स्टूडियो ने कंपोज किया हैं। राजस्थानी एल्बम हिट्स का सॉन्ग गोपाल म्यूजिक एंड फिल्म्स की ओर से प्रस्तुत किया गया हैं। गीत के निर्माताकल्लू गुर्जर व निर्देशक राजेश गोयल हैं।

धोरा धरती में बारिश नहीं होने पर वहां की नदी तालाब सुख गए हैं और किसान खेती करने लिए प्रभु से भारी वर्षा होने की प्रार्थना कर रहा हैं। बिन पानी किसान अपने खेतो में खेती नहीं कर सकता हैं और बिन पानी के पशु पक्षी जीवित नहीं रह सकते हैं। बारिश होने पर ही किसान की आस पुरेगी अन्यथा वो बारिश के कुछ नहीं कर सकता हैं।

Gada Dhaan Su Bharela Song Lyrics

अरे धोरा धरती के माही बिरखा पड़ गई भारी
खेता कांकड़ सुख गयो कठा सु ल्यावा पानी
अरे छाट छाट पानी तू मार दीजे रे
गाड़ा धान सु भरेला तू बरसा दीजे रे

जाटा का खेता में अब नहीं उगे बाजरियो
सुखी खेती माही किया निपजे रे बायोडो
अरे भोला ढाला चौधरिया की
गाड़ा धान सु भरेला तू बरसा दीजे रे

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अरे गुर्जर वाली गाय सांवरा थारे बिन अरड़ावे
अरे छोटा छोटा बाछड़ा ने कुण पावे पानीडो
अरे नाड़ी रे तालाब उफान दीजे रे
गाड़ा धान सु भरेला तू बरसा दीजे रे

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