Home Folk हरड़ गरड़ इंदर गाजे | Rakesh Chouhan Ladnu | Lyrics

हरड़ गरड़ इंदर गाजे | Rakesh Chouhan Ladnu | Lyrics

सज्जन सिंह गहलोत द्वारा निर्देशित मारवाड़ी डीजे सॉन्ग हरड़ गरड़ इंदर गाजे पी.आर.जी म्यूजिक एंड फिल्म्स की ओर से प्रस्तुत किया गया हैं। लेटेस्ट सांग 2018 में आवाज राकेश चौहान लाडनू ने दी हैं। सॉन्ग का म्यूजिक बबलू शेखावत ने कंपोज किया हैं व गीत के बोल सावरिया बालम ने तैयार किये हैं।

बरसात का मानसून आने पर आसमान में चारो तरफ बिजलिया चमकते हिये रिमझिम रिमझिम बरसात हो रही हैं। बारिश होने पर धरती पर चारो तरफ ख़ुशी का माहौल बना हुआ हैं और चारो तरफ हरियाली का वातावरण हो गया हैं ऐसा लग रहा जैसे मानो धरती की किसी ने हरी चादर ओढ़ा दी हो। मोर पापिया कोयल बारिस की बूंदो का आनंद लेते हुए मीठी वाणी बोल रहे हैं।

Haradh Garadh Inder Gaaje Song Lyrics

हरड़ गरड़ घडड इंदर गाजे
जेठ आषाढ़ में बादलिया बरसे
कोई शुगन मनावे अब जाट धोरा के खेता में

ऊँट गाड़ी पर जाट-जाटणी
बाज़रे री रोटी छाछ राबड़ी
कोई तेजो गाता जाट धोरा के खेता में

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माली मालन फूलडा बीजे
मोर पपैया कोयलडी रिजे
कोई हस-हस के बातलाए भंवरीयो फूला ने

हरियो ल़हेरियो ओढ़यो आ धरती
लागे रे फुटऱी गाया चरती
कोई गुजर गावे मल्हार के हरिया-हरिया खेता में

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