Home Bhajan पितृ जी रे दिवलो जगे | Ramchandra | Lyrics

पितृ जी रे दिवलो जगे | Ramchandra | Lyrics

पितृ जी रे दिवलो जगे नया राजस्थान गीत देव म्यूजिक की ओर से शानदार प्रस्तुति हैं। यह एक भक्तिमय वीडियो भजन हैं जिसमे आवाज रामचंद्र ने दी। गीत के संगीत निर्देशक इंद्र शर्मा हैं और गाने के निर्माता मंगल सिंह व भागचंद गुर्जर हैं।

पितृ जी के रातीजोगो में दिवला जगमग जल रहा हैं। दिवले का चांदना लोगो के मन भा रहा हैं। हाथव रातीजोगे के अन्दर दीवले को जला रहे हैं। मांझल रात को जगमग दीवला जलता हैं।

Pitra Ji Re Diwlo Jage Song Lyrics

हथेली में दिवलो निचुति वाली बात
जल रे दिवला माँझल रात पितृ जी रे दिवला जगे

दिवला थारो चांदणो हाट म्हारे मनभाय
थाने रे जगावे हाथवा राती जोगा माही
जल रे दिवला माँझल रात पितृ जी रे दिवला जगे

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दिवला थारो चांदणो हाट म्हारे मनभाय
थाने रे जगावे हाथवा राती जोगा माही
अरे गण जी रो दिवलो ना किरणा री बात
जल रे दिवला माँझल रात पितृ जी रे दिवला जगे

दिवला थारो चांदणो हाट म्हारे मनभाय
थाने रे जगावे हाथवा राती जोगा माही
महेस भरु दिवलो ना पिंकी री बात
जल रे दिवला माँझल रात पितृ जी रे दिवला जगे

दिवला थारो चांदणो हाट म्हारे मनभाय
थाने रे जगावे हाथवा राती जोगा माही
आशा बाई रो दिवलो ना चेतना वाली बात

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