Home Bhajan रोज रोज का ओलमा | Prakash Mali | Lyrics

रोज रोज का ओलमा | Prakash Mali | Lyrics

प्रकाश माली द्वारा निर्देशित मारवाड़ी डीजे सॉन्ग रोज रोज का ओलमा राजस्थान म्यूजिक की ओर से प्रस्तुत किया गया हैं। लेटेस्ट सांग 2018 में आवाज प्रकाश माली मेहंदवास ने दी हैं। सॉन्ग का म्यूजिक मेवाड़ी ब्रदर्स ने कंपोज किया हैं।

यशोदा कन्हैया के रोज रोज की शिकायत से परेशान हो चुकी हैं और लाख समझाने पर भी कन्हैया अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा हैं। कान्हा जमुना के किनारे जाकर गुजरियो से छेड़कानी करता रहता हैं और मार्ग में चलती गुजरियो को की मटक को फोड़ देता हैं।

Roj Roj Ka Olma Song Lyrics

रोज रोज का ओलमा क्यों ल्यावे रे म्हारा कानूडा
अरे भला घरा को लाडलो बदनामी होवे म्हारा कानूडा
रोज रोज का, रोज रोज का, रोज रोज का
रोज रोज का ओलमा क्यों ल्यावे रे म्हारा कानूडा

अरे गुजरिया की बाता में क्यों आ गयो म्हारा कानूडा
अरे भला घरा को लाडलोबदनामी होवे म्हारा कानूडा
भला घरा को, भला घरा को, भला घरा को
अरे भला घरा को लाडलो बदनाम होवे म्हारा कानूडा

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अरे माखन बेचे गुजरिया तू गेला रोके कानूडा
अरे भला घरा को लाडलो बदनामी होवे म्हारा कानूडा
रोज रोज का, रोज रोज का, रोज रोज का
रोज रोज का ओलमा क्यों ल्यावे रे म्हारा कानूडा

अरे जमुना नहाती गुजरिया की चूंदड़ चोरे कानूडा
अरे भला घरा को लाडलोबदनामी होवे म्हारा कानूडा
रोज रोज का, रोज रोज का, रोज रोज का
रोज रोज का ओलमा क्यों ल्यावे रे म्हारा कानूडा

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