Home Bhajan ऊंचा डूंगर पर बस्यो रे | Chagan Singh Gurjar | Lyrics

ऊंचा डूंगर पर बस्यो रे | Chagan Singh Gurjar | Lyrics

छगन सिंह गुर्जर की आवाज में ऊंचा डूंगर पर बस्यो रे सॉन्ग शिव जी का राजस्थानी भजन हैं। इस गीत का म्यूजिक मेवाड़ी ब्रदर्स ने कंपोज किया व निर्देशक सज्जन सिंह गहलोत हैं। मारवाड़ी एल्बम का सॉन्ग पी.आर.जी म्यूजिक एंड फिल्म्स की ओर से प्रस्तुत हुआ हैं । एल्बम गीत के बोल पारम्परिक हैं।

शिव भोले ऊँचे पहाड़ो में निवास करते हैं और भोले बाबा भांग, धतूरा व गांजे का सेवन करते हैं। भोले बाबा की महिमा अपरम्पार हैं उनके एक हाथ में डमरू तो दूसरे हाथ में त्रिशूल हैं। भोले बाबा को त्रिलोकी का नाथ भी कहा जाता हैं। बाबा के मस्तक पर चन्द्रमा शोभायमान है, नीले कण्ठ वाले, अभीष्ट वस्तुओं को देने वाले हैं। भोले बाबा के कमल के समान सुन्दर नयनों वाले अक्षमाला और त्रिशूल धारण करने वाले अक्षर-पुरुष हैं।

Uncha Dungar Par Basyo Re Song Lyrics

अरे ऊँचा पर्वत बस्यो रे भोळोनाथ
सगाई म्हारी वाही करजो
वाही करजो सगाई वाही करजो

भांग ये धतुरा शिव जी गांजो चलम लगावे रे
ये तो पीवे छै गांजा की चलम चार
सगाई म्हारी वाही करजो

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डम डम डम डमरू शिव जी बजावे रे
अरे ये तो नाचे छै ऊँचा डूंगर के माही
सगाई म्हारी वाही करजो

डागन भूत चुड़ेला देखो भोळो जी ने चाहवे रे
कर तो नाटकीया की सँवारी भोलानाथ
सगाई म्हारी वाही करजो

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