Home Folk धोरे माथे झुपड़ी | Rekha Rao | Lyrics

धोरे माथे झुपड़ी | Rekha Rao | Lyrics

धोरे माथे झुपड़ी डीजे मिक्स राजस्थानी सॉन्ग 2018 में आवाज रेखा राव ने दी हैं। मारवाड़ी एल्बम हिट्स ‘का गाना पी.आर.जी म्यूजिक एंड फिल्म्स की ओर से प्रस्तुत किया गया हैं। गाने का म्यूजिक काली व सुंगं बुचेति ने कम्पोज किया जबकि गीत के बोल पारम्परिक है। इस गाने के निर्माता व निर्देशक सज्जन सिंह गहलोत हैं।

गौरी की धोरा वाली धरती पर झोपड़ी हैं और उसके बालम के बिना गौरी का दिल धक धक कर रहा हैं। परदेस गये हुए पिया की याद में गौरी की आँखों से नीर निकल रहे हैं और अब वो अपने पिया के बिना एक पल भी नहीं रह सकती हैं। पिया की याद में गौरी ने अन्न पानी तक छोड़ दिया हैं और छोटा देवर उसे तंग करता रहता हैं।

Dhore Mathe Jhupadi Song Lyrics

धोरे माथे झुपड़ी हो
हो धरती हिलाडो खावे बलम जी थारे बिना
मैं तो मरजाउ एकली ऱोये मरा परदेश में ओलू थारी करा
धोरे माथे झुपड़ी हो

आज शियाले री रातडी हो
मैने खाली पलंग हाए खावे बलम जी थारे बिना
मैं तो मरजाउ एकली ऱोये मरा परदेश में ओलू थारी करा
धोरे माथे झुपड़ी हो

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थे तो बसो परदेश में हो मैने छोटो देवरीयो सतावे बलम जी थारे बिना
मैं तो मरजाउ एकली ऱोये मरा परदेश में ओलू तरी करा
धोरे माथे झुपड़ी हो

धोरे माथे झुपड़ी हो
मैने अन्न-पानी नही भावे बलम जी थारे बिना
मैं तो एकली रू थारे बिना मैं तो मरजाउ एकली ऱोये मरा
परदेश में ओलू थारी करा धोरे माथे धोरे माथे झुपड़ी हो

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