Home Folk मूमल | Sikander Kha | Lyrics

मूमल | Sikander Kha | Lyrics

सिकंदर खा की आवाज में मूमल सॉन्ग राजस्थानी बन्ना – बन्नी गीत हैं। इस गीत का म्यूजिक सुनील दाधीच ने कंपोज किया व निर्माता सज्जन सिंह गहलोत हैं । मारवाड़ी एल्बम का सॉन्ग पी.आर. जी म्यूजिक एंड फिल्म्स की ओर से प्रस्तुत हुआ हैं। सोनल राइका और महेश राठौड़ अभिनीत गीत का निर्देशन सज्जन सिंह गहलोत ने किया हैं।

बन्ना को अपनी बनी ठनी बन्नी बहुत प्यारी लग रही है और बन्नी अपनी आँखों में सुरमा सारे हुये पिया का मन मोह लिया हैं। बन्नी के होठ बन्ना को कसमूल डोर की तरह लग रही हैं और उसकी नाक तोते के चोंच की तरह एकदम नुकीली हैं। उसके आगे चंदा भी फीका लग रहा हैं और बन्नी की आँखे झाला मत की तरह हैं।

Mumal Song Lyrics

काली रे काली काजळिये रे रीख दूर
ओ जी रे कोई मोरिये रे बाखर में चमके बिजली रे
ढोले रे मूमल हाजी रे पिया रे प्यारी रे मूमल
हाले हाले रे ले चालू ओन्दा थारे देश में

हा दो टेड मूमल रा आड़ा मियल रे
ओ जी रे कोई होठ मूमल रा कसमूल डोर रा
ढोले रे मूमल हाजी रे पिया रे प्यारी रे मूमल
हाले हाले रे ले चालू ओन्दा थारे देश में

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नाम मूमल रो सुवा टेरी चोंच ऋ री
ओ जी रे कोई आँख मूमल री झाला मत भरिया रे
ओ जी रे कोई आँख हत्यारणी प्याला मत भरिया रे
ढोले रे मूमल हाजी रे पिया रे प्यारी रे मूमल
हाले हाले रे ले चालू ओन्दा थारे देश में

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